Indian Ship Attack Near Oman: ओमान के पास भारतीय जहाज पर हमला; क्रू मेंबरों को लेकर आई यह खबर

ओमान के पास भारतीय जहाज पर हमला; क्रू मेंबरों को लेकर आई यह खबर, इधर भारत सरकार का कड़ा बयान, कहा- यह स्वीकार्य नहीं

Indian Ship Attack Near Oman All Crew Safe Rescued Omani Authorities

Indian Ship Attack Near Oman All Crew Safe Rescued Omani Authorities

Indian Ship Attack Near Oman: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच एक भारतीय जहाज पर हमला हुआ है। ओमान के तट के पास भारतीय जहाज को निशाना बनाया गया। राहत की खबर ये है कि हमले के वक्त जहाज पर मौजूद सभी भारतीय क्रू सदस्य सुरक्षित बताए जा रहे हैं। जानकारी दी जा रही है कि हमले के बाद जहाज के क्रू सदस्यों को बचाने के लिए ओमान के अधिकारियों ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।

इधर भारत ने इस मदद के लिए ओमान का आभार व्यक्त किया है, साथ ही आधिकारिक तौर से हमले पर कड़ा बयान भी सरकार की ओर से जारी किया गया है। हालांकि भारत सरकार के बयान में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि भारतीय जहाज पर हमला किस ओर से हुआ? फिलहाल इस हमले के बाद एक बार फिर भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं और चिंताजनक स्थिति बन गई है।  

भारत सरकार ने कहा- यह स्वीकार्य नहीं

भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर पोस्ट कर कहा गया है, ''कल ओमान के तट के पास भारतीय ध्वज वाले जहाज़ पर हुआ हमला अस्वीकार्य है, और हम इस बात की निंदा करते हैं कि व्यापारिक जहाज़ों और नाविकों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। जहाज़ पर मौजूद सभी भारतीय क्रू सदस्य सुरक्षित हैं, और हम उन्हें बचाने के लिए ओमान के अधिकारियों का धन्यवाद करते हैं।''

बयान में आगे कहा गया, ''भारत फिर से यह दोहराता है कि व्यापारिक जहाज़ों को निशाना बनाने, निर्दोष नागरिक क्रू सदस्यों की जान जोखिम में डालने, या किसी भी तरह से नेविगेशन और व्यापार की स्वतंत्रता में बाधा डालने से बचना चाहिए।''

Indian Ship Attack Near Oman All Crew Safe Rescued Omani Authorities

5 मई को घायल हुए थे 3 भारतीय नागरिक

इससे पहले 5 मई को UAE (यूएई) के फुजैराह तेल पोर्ट पर ईरान द्वारा किए गए ड्रोन/मिसाइल हमले में 3 भारतीय नागरिक घायल हो गए थे। जिसे लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय के अलावा खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कड़ा बयान जारी किया था। पीएम मोदी ने इस हमले की कड़ी निंदा की थी और हमले को अस्वीकार्य (Unacceptable) करार देते हुए कहा था कि आम नागरिकों और बुनियादी ढांचे (infrastructure) को निशाना बनाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भारत इस संकट के समय UAE के साथ मजबूती से खड़ा है।

पीएम मोदी ने आगे कहा था कि नागरिकों और इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना गलत है। बातचीत और कूटनीति के माध्यम से मुद्दों को सुलझाने का समर्थन किया जाना चाहिए। वहीं इस बीच पीएम मोदी ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में सामान्य व्यापारिक गतिविधियों में रुकावट डालने को लेकर कहा था कि होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित और अबाधित नेविगेशन (navigation) की आवश्यकता है। इसी तरह से विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंता जताई थी और कड़ा रुख जाहिर किया था।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अब तक मिडिल ईस्ट संघर्ष में 3 नाविकों समेत आठ भारतीय नागरिक मारे जा चुके हैं, इसलिए भारत की बड़ी चिंता होर्मुज स्ट्रेट को लेकर है जहां अभी भी भारतीय ध्वज वाले 10 से ज्यादा जहाज 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से फंसे हुए हैं, जिन पर बड़ी संख्या में भारतीय नाविक सवार हैं। वहीं दूसरी तरफ होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों के आवागमन में बाधा पड़ने से भारत ऊर्जा संकट से भी प्रभावित हो रहा है।